गुरु नाभा दास जी जयंती 2025
भक्ति, समानता और ज्ञान के प्रेरणास्रोत

गुरु नाभा दास जी भारतीय भक्ति परंपरा के महान संतों में से एक थे। उन्होंने "भक्तमाल" ग्रंथ लिखा, जो भक्ति साहित्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गुरु नाभा दास जी का जीवन परिचय

गुरु नाभा दास जी का जन्म 8 अप्रैल 1537 को तेलंगाना में हुआ था। उन्होंने समाज में समानता, प्रेम और भक्ति का संदेश दिया।
गुरु नाभा दास जी की शिक्षाएँ
- सभी इंसान समान हैं, जाति-पाति का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
- सच्ची भक्ति ही मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है।
- सेवा और परोपकार करना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।
भक्तमाल ग्रंथ

भक्तमाल एक ऐतिहासिक ग्रंथ है जिसमें संतों के जीवन का वर्णन है। यह ग्रंथ हमें भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कैसे मनाएँ गुरु नाभा दास जी की जयंती?
- भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन करें।
- गरीबों को भोजन और कपड़े दान करें।
- सोशल मीडिया पर #GuruNabhaDassJayanti ट्रेंड करें।
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अगर आप इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं, तो हमें info@nabhadass.com पर ईमेल करें।
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